
रतलाम | 23 मार्च, 2026 जावरा शहर पुलिस ने एक बार फिर ‘देशभक्ति-जनसेवा’ के संकल्प को चरितार्थ किया है। कड़कती रात में लावारिस अवस्था में मिली एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस ने न केवल सुरक्षित रेस्क्यू किया, बल्कि कड़ी मशक्कत के बाद उसे उसके परिजनों की गोद तक पहुँचाया।
आधी रात को मिली थी सूचना: गहरी नींद में सो रही थी मासूम
घटना 21 मार्च की रात करीब 09:00 बजे की है। डायल-112 पर सूचना मिली कि गुलशन गार्डन के पास एक छोटी बच्ची अकेली सो रही है। सूचना मिलते ही जावरा शहर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुँची। बच्ची इतनी गहरी नींद में थी कि वह अपने माता-पिता के बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी।
पुलिस की सक्रियता: अस्पताल से वन स्टॉप सेंटर तक का सफर पुलिस टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पहले बच्ची का सिविल हॉस्पिटल जावरा में मेडिकल चेकअप करवाया। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी। रात अधिक होने और परिजनों का सुराग न मिलने के कारण, पुलिस ने उसे सुरक्षित रखने के लिए ‘वन स्टॉप सेंटर’ भिजवाया।
खोजबीन और सुखद मिलन
अगले दिन (22 मार्च) जब बच्ची सोकर उठी, तो पुलिस ने उससे प्यार से बात की। मासूम से मिली धुंधली जानकारियों के आधार पर जावरा शहर और हुसैन टेकरी क्षेत्र में सघन सर्चिंग की गई।
पहचान: आखिरकार पुलिस टीम परिजनों को ढूंढने में सफल रही।
सुपुर्दगी: थाने बुलाकर पहचान के सत्यापन के बाद बच्ची को उसके माता-पिता को सौंपा गया। अपनी लाडली को सही-सलामत देख माता-पिता की आँखों में आँसू छलक आए और उन्होंने रतलाम पुलिस का कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया।
पुलिस की अपील:
“बच्चे अनमोल हैं, भीड़भाड़ वाले इलाकों में उनका विशेष ध्यान रखें। किसी भी संदिग्ध या आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें।” — रतलाम पुलिस
