
रतलाम। जिले में आम जनता तक शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सख्त रुख अपना लिया है। टीम ने जिले के जावरा और पिपलौदा क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर मावा, घी, गुड़ और मध्यान्ह भोजन के नमूने एकत्र किए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
बिना पंजीयन संचालन पर प्रकरण दर्ज
निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर गाज गिरी है। बिना पंजीयन के संचालित पाई जाने वाली ‘श्री सांवरिया मावा भट्टी’ (ग्राम सेमलखेड़ी) और शासकीय स्कूल में भोजन प्रदान करने वाले ‘इंदिरा गांधी स्व सहायता समूह’ (ग्राम चिपिया) के खिलाफ बिना रजिस्ट्रेशन के काम करने का मामला (प्रकरण) दर्ज किया गया है।
कहाँ-कहाँ हुई कार्रवाई और क्या-क्या लिए गए नमूने:
ग्राम कलालिया (जावरा): खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति बघेल ने ‘श्री नीलकंठ दूध डेयरी’ का निरीक्षण किया। यहाँ मावा और घी के 2 नमूने लिए गए। मौके पर सफाई रखने और पंजीयन बोर्ड पर प्रदर्शित करने के सख्त निर्देश दिए गए।
ग्राम सेमलखेड़ी (पिपलौदा): खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री कमलेश जमरा द्वारा ‘श्री सांवरिया मावा भट्टी’ से मावा का नमूना लिया गया।
कालूखेड़ा (बजरंग बाजार): गुड़ का नमूना लिया गया।
ग्राम चिपिया (शासकीय माध्यमिक विद्यालय): मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए ‘इंदिरा गांधी स्व सहायता समूह’ से पके चावल, कढ़ी और आटे के नमूने लिए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी अगली कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा। लैब से रिपोर्ट प्राप्त होते ही मिलावटखोरों और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
