
रतलाम | 31 मार्च 2026 रतलाम पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और साहसिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पिपलोदा के ग्राम बोरखेड़ा में एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही हाई-टेक सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पोल्ट्री फार्म में ‘मौत’ का सामान: पुलिस की आधी रात दबिश
एसपी अमित कुमार के निर्देशन में बनी संयुक्त टीम ने बीती रात सुनसान इलाके में स्थित सलीम खान के पोल्ट्री फार्म पर अचानक धावा बोला। वहां का नजारा देख पुलिस भी दंग रह गई; मुर्गियों के बाड़े के पीछे घातक केमिकल्स और भट्टियों के जरिए MD (ड्रग) बनाई जा रही थी। घेराबंदी कर पुलिस ने मौके से मुख्य सरगना जमशेद लाला (राजस्थान), रईस खान, यूसुफ और सलीम को दबोच लिया
बड़ी बरामदगी: करोड़ों के नेटवर्क का खुलासा
पुलिस ने मौके से करीब 20 लाख रुपये मूल्य की 200 ग्राम तैयार MD बरामद की है। साथ ही भारी मात्रा में कच्चा माल और मशीनरी जब्त की गई है:
175 किलो से ज्यादा घातक केमिकल्स (MDC और HCL)।
प्रोसेसिंग यूनिट: ड्रायर मशीन, भट्टी, गैस सिलेंडर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण।
सप्लाई चेन: जांच में खुलासा हुआ कि दबिश से महज 24 घंटे पहले गिरोह ने 3 किलो ड्रग की बड़ी खेप सप्लाई की थी।
जमशेद लाला: तीन राज्यों का मोस्ट वांटेड
पकड़ा गया मुख्य आरोपी जमशेद लाला एक शातिर ड्रग मैन्युफैक्चरर है, जिसके खिलाफ मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इसकी गिरफ्तारी से संगठित ड्रग नेटवर्क की कमर टूट गई है।
एक्शन टीम की जांबाजी:
इस सफल ऑपरेशन में जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय, सायबर सेल प्रभारी अमित कोरी और पिपलोदा थाना प्रभारी रमेश कोली सहित पूरी टीम की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब उन ‘सफेदपोश’ चेहरों की तलाश कर रही है जो इस फैक्ट्री से माल खरीद रहे थे।
