
रतलाम। पिछले कुछ समय से विवादों और तीखी नोकझोंक का केंद्र रहे नगर निगम सम्मेलन की तस्वीर आज कुछ बदली हुई नजर आई। शहर के विकास और आगामी बजट को लेकर आयोजित किया गया आज का सम्मेलन तुलनात्मक रूप से काफी शांतिपूर्ण रहा, हालांकि अंत में राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली।
शांतिपूर्ण शुरुआत और बजट पर चर्चा
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विभिन्न वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा की गई। पिछले सम्मेलनों में हुए भारी हंगामे और विवादित स्थितियों को देखते हुए इस बार सदन का माहौल संयमित रहा। पार्षदों ने बजट के प्रावधानों और शहर के बुनियादी ढांचे पर अपनी बात रखी।
विपक्ष का वॉकआउट: बजट चर्चा के बाद बिगड़ा समीकरण

दिन भर शांतिपूर्ण रही कार्यवाही के अंतिम चरण में उस समय हलचल बढ़ गई जब बजट पर चर्चा समाप्त हुई। जैसे ही महापौर ने अपनी बात रखने और बजट पर अंतिम उद्बोधन देने के लिए बोलना शुरू किया, कांग्रेस के सभी पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से बाहर जाने (वॉकआउट) का फैसला किया।
कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि वे बजट की कुछ प्रक्रियाओं से असहमत हैं, जिसके चलते उन्होंने महापौर के बोलने के समय सदन का बहिष्कार करना उचित समझा।
पिछले विवादों से हटकर रहा आज का दिन
गौरतलब है कि रतलाम नगर निगम के पिछले कुछ सम्मेलन काफी विवादित रहे थे, जिसमें व्यक्तिगत छींटाकशी और भारी शोर-शराबे के कारण कार्यवाही में बाधा आई थी। उनकी तुलना में आज का सम्मेलन काफी व्यवस्थित दिखा, सिवाय अंतिम क्षणों में हुए विपक्षी बहिष्कार के।
विपक्ष की अनुपस्थिति के बावजूद, सत्ता पक्ष ने बजट चर्चा को आगे बढ़ाया और शहर के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
