
रतलाम। देश में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों, अवैध कब्जों और सुनियोजित षड्यंत्रों के विरुद्ध आज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस ज्ञापन में संगठन ने राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
ज्ञापन के मुख्य बिंदु और आरोप:
बजरंग दल द्वारा सौंपे गए पत्र में कई संवेदनशील मुद्दों को रेखांकित किया गया है, जिन्हें संगठन ने देश की एकता के लिए खतरा बताया है:
- लव जिहाद का बढ़ता दायरा: संगठन का दावा है कि अब यह समस्या शिक्षित समाज और व्यावसायिक क्षेत्रों (जैसे नासिक के प्रतिष्ठित संस्थानों के आसपास) तक फैल चुकी है।
- अवैध लैंड जिहाद: ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि देश के विभिन्न नगरों में वन भूमि, सार्वजनिक संपत्ति, रेल विभाग और सेना की सुरक्षित जमीनों पर सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जे किए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती है।
- धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़: खान-पान की वस्तुओं को अपवित्र करने की निरंतर आ रही घटनाओं पर भी रोष जताया गया है, जिसे संगठन ने नागरिकों के स्वास्थ्य और आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है।
- अल्पसंख्यक परिवारों का उत्पीड़न: संगठन का आरोप है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हिंदू परिवारों और जनजाति समाज की बालिकाओं का मानसिक व शारीरिक शोषण कर उन्हें पलायन के लिए विवश किया जा रहा है।
प्रमुख मांगें:
बजरंग दल ने प्रशासन और केंद्र सरकार से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
- कठोर दंडात्मक कार्रवाई: राष्ट्र विरोधी और आपराधिक मानसिकता वाले तत्वों को चिह्नित कर उन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
- अवैध कब्जे हटाना: सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर किए गए सभी अवैध निर्माणों को तुरंत ध्वस्त किया जाए।
- केंद्रीय कानून की मांग: लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए एक कठोर केंद्रीय कानून लागू किया जाए।
- विशेष सुरक्षा तंत्र: जनजातीय क्षेत्रों में हो रहे शोषण को रोकने हेतु एक विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित करने की मांग की गई है।
स्थान और उपस्थिति:
यह ज्ञापन डालू मोदी बाजार (रतलाम विभाग) में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा एकत्रित होकर प्रस्तुत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने देश में शांति और सद्भाव बनाए रखने हेतु प्रशासन से ‘असामाजिक तत्वों’ पर नकेल कसने की अपील की।
