
रतलाम: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर विपक्षी दलों द्वारा की जा रही राजनीति के खिलाफ आज रतलाम में भाजपा महिला मोर्चा और युवा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। स्थानीय गर्ल्स कॉलेज से लेकर घोड़ा चौराहे तक विरोध की गूँज सुनाई दी।
मातृशक्ति का आक्रोश: गर्ल्स कॉलेज से शुरू हुआ प्रदर्शन
आज सुबह स्थानीय गर्ल्स कॉलेज के बाहर भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी और बड़ी संख्या में युवा साथी एकत्रित हुए। यहाँ से कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए एक विरोध रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि महिला आरक्षण बिल में अड़ंगे डालकर विपक्ष ने देश की आधी आबादी का अपमान किया है।
घोड़ा चौराहे पर प्रदर्शन और पुतला दहन
रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई घोड़ा चौराहा पहुँची, जहाँ आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों का पुतला दहन किया। इस दौरान वातावरण “नारी का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और “वन्दे मातरम” के नारों से गुंजायमान हो उठा।
प्रमुख बयान: “यह राजनीति नहीं, महिला सशक्तीकरण का विरोध है”
प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की स्थानीय नेतृत्व ने कहा:
”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को उनका हक देने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया, लेकिन कांग्रेस और उसके साथी दल अपनी नकारात्मक मानसिकता से बाज नहीं आ रहे हैं। रतलाम की नारी शक्ति इस अपमान का जवाब ईंट से पत्थर से देगी।”
रिपोर्ट के मुख्य अंश:
आयोजक: भाजपा महिला मोर्चा एवं स्थानीय युवा साथी, रतलाम।
मार्ग: गर्ल्स कॉलेज से घोड़ा चौराहा तक विशाल पैदल मार्च।
विरोध का कारण: महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर विपक्षी दलों का रुख।
संदेश: महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों में बाधा डालने वालों का कड़ा विरोध।
