
रतलाम। शहर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल त्रिवेणी संगम से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक ओर प्रशासन शहर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर त्रिवेणी के घाटों पर बदहाली का आलम है। यहाँ के कुंड में जमा गंदे और हरे पानी के बीच बच्चे जान जोखिम में डालकर नहाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी या चौकीदार मौके पर मौजूद नहीं है।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ और हादसों को दावत
त्रिवेणी संगम पर लोग दूर-दूर से श्रद्धा के साथ स्नान करने पहुँचते हैं। चूंकि यहाँ प्रवेश निःशुल्क है, इसलिए स्थानीय बच्चों और श्रद्धालुओं की यहाँ काफी भीड़ रहती है। लेकिन वर्तमान में कुंड के पानी की स्थिति इतनी खराब है कि इससे त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियाँ और इन्फेक्शन होने का खतरा बना हुआ है।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पानी पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है, फिर भी मासूम बच्चे उसी में अठखेलियाँ कर रहे हैं। बिना किसी सुरक्षा गार्ड या लाइफगार्ड के यहाँ स्नान करना किसी बड़ी दुर्घटना को सीधा निमंत्रण देने जैसा है।
प्रशासन की लापरवाही उजागर
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम और संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। धार्मिक स्थल होने के नाते यहाँ स्वच्छता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन चौकीदार की अनुपस्थिति और गंदगी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
