
प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत आज जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित प्राचीन बावड़ी की नगर निगम की टीम द्वारा विशेष साफ-सफाई की गई। वर्षों से उपेक्षित और गंदगी से पटी इस बावड़ी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से आज सुबह से ही यहाँ सफाई कार्य प्रारंभ किया गया।
सफाई अभियान की मुख्य बातें:
नगर निगम की सक्रियता: नगर निगम के स्वास्थ्य अमले और स्वच्छता मित्रों ने कड़ी मशक्कत के बाद बावड़ी की सतह पर जमा जलकुंभी, काई और कचरे को बाहर निकाला।
अधिकारियों का निरीक्षण: अभियान के दौरान निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन ने मौके पर मौजूद रहकर कार्य का जायजा लिया।
जल संरक्षण का संदेश: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल स्वच्छता है, बल्कि भू-जल स्तर को सुधारने के लिए पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजना भी है
जनसहयोग की अपील
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जिला चिकित्सालय जैसी व्यस्त जगह पर स्थित इस जल स्रोत का साफ रहना बेहद जरूरी है। सफाई के बाद अब इसके सौंदर्यीकरण और जल भराव की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इन धरोहरों में कचरा न फेंकें और जल संवर्धन अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
