
रतलाम। रतलाम कृषि उपज मंडी में मंगलवार को अव्यवस्थाओं का घड़ा फूट पड़ा। बुनियादी सुविधाओं के अभाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर व्यापारियों ने सुबह 10:45 बजे नीलामी कार्य बंद कर दिया। इसके बाद नाराज किसानों ने दोपहर 12:40 बजे तक मंडी का गेट बंद रखा। व्यापारियों और मंडी सचिव के बीच हुई बैठक में 9 प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद दोपहर 2:00 बजे दोबारा काम शुरू हो सका।
व्यापारियों की वे 9 प्रमुख माँगें, जिन पर अड़ी बात:
पेयजल व्यवस्था: भीषण गर्मी के बावजूद मंडी में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। नीलामी के दौरान व्यापारियों और किसानों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
ट्रैफिक और लाइनअप: मंडी प्रांगण में वाहनों के खड़े होने का कोई निश्चित स्थान (लाइनअप) नहीं है, जिससे बार-बार जाम लगता है और माल की तुलाई में घंटों की देरी होती है।
दोबारा नीलामी पर रोक: कुछ मामलों में खराब माल निकलने पर व्यापारियों पर दबाव बनाकर दोबारा नीलामी करवाई जाती है, जिस पर व्यापारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
अनावश्यक भीड़ पर नियंत्रण: नीलामी के दौरान बाहरी व्यक्तियों और भीड़ के कारण व्यापारी माल का सही मूल्य तय नहीं कर पाते। नीलामी स्थल पर केवल अधिकृत प्रतिनिधि ही रहें।
असामाजिक तत्वों पर लगाम: मंडी में नशा करने वाले और मानसिक रूप से विक्षिप्त लोग घूमते रहते हैं। हाल ही में एक व्यक्ति ने एक व्यापारी को काट लिया था। ऐसे लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
नियमित साफ-सफाई: मंडी परिसर में रोजाना और सुचारू रूप से साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए।
खराब माल का निस्तारण: जो उपज बिकने योग्य न हो या व्यापारियों द्वारा डंप किए गए खराब माल को मंडी प्रशासन तुरंत हटवाए ताकि जगह की कमी न हो।
CCTV कैमरों में बढ़ोतरी: मंडी में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए।
रात्रि गश्ती और सुरक्षा: रात के समय मंडी परिसर में सुरक्षा गार्डों की गश्त बढ़ाई जाए ताकि असामाजिक तत्व वहां जमावड़ा न लगा सकें।
प्रशासन का आश्वासन
व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इन 9 बिंदुओं पर जल्द ही ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो भविष्य में फिर से नीलामी रोकी जा सकती है। मंडी सचिव ने इन मांगों को रजिस्टर में दर्ज कर जल्द निराकरण का भरोसा दिलाया है।
Inside News India Impact: मंडी की इस अव्यवस्था से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि दूर-दराज से आए किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हम इस खबर पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।
