
रतलाम। ‘रक्तदान हमारी शाश्वत सनातन परंपराओं का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। वर्तमान दौर में रक्तदान से हम सैकड़ो मनुष्यों को नया जीवन दे सकते हैं।’ यह विचार मुख्य अतिथि और रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मनोहर पोरवाल ने व्यक्त किए। वे संस्था ‘परस्पर’ द्वारा स्व. श्रीमती मनीषा अग्रवाल की स्मृति में मानव सेवा केंद्र में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर को संबोधित कर रहे थे। शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साह दिखाते हुए 80 यूनिट रक्त दान किया।
भ्रांतियां दूर कर आंदोलन बने रक्तदान: डीआईजी निमिष अग्रवाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रतलाम डीआईजी श्री निमिष अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान से कमजोरी आने जैसी भ्रांतियां दूर होनी चाहिए। इसे एक जन आंदोलन का रूप देने के लिए शासन के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं को भी आगे आना होगा, ताकि आदिवासी और वंचित क्षेत्रों तक इसका लाभ पहुंच सके।
साल में तीन बार कर सकते हैं रक्तदान: डॉ. कीर्ति शाह
विशिष्ट अतिथि और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कीर्ति शाह ने बताया कि रक्तदान से शरीर का रक्त परिसंचरण (ब्लड सर्कुलेशन) शुद्ध होता है। एक स्वस्थ मनुष्य वर्ष में तीन बार आसानी से रक्तदान कर सकता है।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
शुभारंभ: अतिथियों ने मां सरस्वती एवं स्व. मनीषा अग्रवाल के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया।
स्वागत भाषण: संस्था अध्यक्ष महेश अग्रवाल ने दिया और ‘परस्पर’ की अन्य सेवा गतिविधियों की जानकारी दी।
सम्मान: रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
संचालन व आभार: कार्यक्रम का संचालन दिनेश शर्मा ने किया एवं आभार सचिन गेलड़ा ने माना।
इस अवसर पर निमिष व्यास, अशोक अग्रवाल, अभय सुराणा, महेश व्यास, प्रवक्ता मितेश अग्रवाल सहित रेड क्रॉस संस्था, लायंस क्लब के पदाधिकारी और सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
