
रतलाम। शहर के थाना दीनदयाल नगर क्षेत्र अंतर्गत सैफी नगर में एक सराफा कारोबारी के घर पर हुई जानलेवा फायरिंग की घटना का रतलाम पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सुपारी लेकर वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी वारदात के पीछे शेयर मार्केट और पैसों के लेन-देन का विवाद सामने आया है। पुलिस अब मुख्य साजिशकर्ता और अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
खिड़की पर खड़ी महिला को निशाना बनाकर चलाई थी गोली
घटना 19 जून 2026 की दोपहर करीब 3:16 बजे की है। सैफी नगर (मकान नंबर 80) के निवासी और चांदनी चौक स्थित ‘श्री गणेश ज्वेलर्स’ के संचालक कमल सोनी अपने पुत्र के साथ जावरा गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी मनीषा सोनी, पुत्र अमित, दिव्यांश और पुत्रवधू मौजूद थे।
इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए चार नकाबपोश बदमाशों ने घर को निशाना बनाया। खिड़की के पास खड़ी मनीषा सोनी को देख एक आरोपी ने जान से मारने की नीयत से पिस्टल से फायर कर दिया। गनीमत रही कि मनीषा सोनी समय रहते नीचे झुक गईं, जिससे गोली खिड़की का कांच चीरती हुई निकल गई और उनकी जान बच गई।
शेयर मार्केट के विवाद में दी गई थी ‘सुपारी’
पुलिस कप्तान (SP) अमित कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम, साइबर सेल और सीसीटीवी शाखा ने जब तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, तो कड़ियाँ आपस में जुड़ती चली गईं। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया।
दरअसल, फरियादी के बेटे दिव्यांश का सरवन निवासी आदित्य के साथ शेयर मार्केट (MCX) के पैसों के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। शुरुआती जांच के अनुसार, आदित्य ने पैसों की वसूली और दबाव बनाने के लिए विनय शर्मा उर्फ वीनू को सुपारी दी थी। इसके बाद विनय ने अपने गुर्गों के जरिए इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिलवाया।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी
विशेष टीम ने घेराबंदी कर फायरिंग और साजिश में शामिल निम्नलिखित 5 आरोपियों को दबोच लिया है:
भोला पाटीदार (29 वर्ष) — निवासी पैलेस रोड, रतलाम
विनीत उर्फ चुचू बड़गोतिया (25 वर्ष) — निवासी रिटायर्ड कॉलोनी, रतलाम
अजय उर्फ गट्टू चौहान (24 वर्ष) — निवासी आनंद कॉलोनी, रतलाम
रविन्द्र राजन (32 वर्ष) — निवासी रेल नगर, रतलाम
कन्हैया नायक (43 वर्ष)
फरार आरोपी: वारदात का मुख्य सूत्रधार विनय उर्फ वीनू शर्मा (निवासी प्यारेलाल शर्मा) और आदित्य फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची टीम
ASP (शहर) राकेश पंद्रो, ASP (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन और CSP सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में बनी इस संयुक्त टीम ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए चौबीस घंटे में वारदात को सुलझाया।
इस बड़ी कामयाबी में उपनिरीक्षक अनुराग यादव, जीवन बारिया, राजा तिवारी, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, मनमोहन शर्मा और आरक्षक विपुल भावसार, मयंक व्यास, राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदिया, अभिषेक पाठक, हर्षल शर्मा, संदीप कुमावत, दीपकसिंह व शांतिलाल डिंडोर की सराहनीय भूमिका रही। एसपी अमित कुमार ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है।
