
कृषि उपज मंडी में मंडी टैक्स बढ़ाए जाने के विरोध में आज रतलाम के मंडी व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। टैक्स बढ़ोतरी के फैसले से नाराज व्यापारियों ने आज लामबंद होकर अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा और बढ़े हुए टैक्स को तुरंत वापस लेने की मांग की।
व्यापारियों का साफ कहना है कि अगर सरकार ने इस फैसले पर दोबारा विचार नहीं किया, तो आगामी दिनों में व्यापार ठप कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
व्यापारियों का तर्क: “धंधा बंद होने की कगार पर”
मंडी परिसर में एकत्रित हुए व्यापारियों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पहले से ही मंदी और विभिन्न टेक्सों की मार झेल रहे व्यापारियों के लिए यह अतिरिक्त मंडी टैक्स कमर तोड़ने जैसा है।
”टैक्स बढ़ने से न केवल व्यापारियों की लागत बढ़ेगी, बल्कि इसका सीधा असर किसानों पर भी पड़ेगा। किसानों से उपज खरीदना मुश्किल हो जाएगा और रतलाम मंडी का व्यापार पड़ोसी जिलों की मंडियों में शिफ्ट होने लगेगा।”
— मंडी व्यापारी प्रतिनिधि
ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें:
मंडी टैक्स में की गई बढ़ोतरी को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
मंडी प्रशासन और व्यापारियों के बीच समन्वय बनाकर व्यावहारिक टैक्स प्रणाली लागू हो।
व्यापारियों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों में सरलीकरण किया जाए।
SDM ने दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए रतलाम एसडीएम ने व्यापारियों से ज्ञापन लिया और उनकी चिंताओं को सुना। एसडीएम ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों और इस ज्ञापन को तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों और शासन तक भेजा जाएगा, ताकि बीच का कोई सकारात्मक रास्ता निकाला जा सके।
आंदोलन की चेतावनी
व्यापारियों ने प्रशासन को चेताया है कि यदि जल्द ही इस टैक्स बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया गया, तो रतलाम कृषि उपज मंडी के समस्त व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और मंडी प्रशासन की होगी।
