
रतलाम। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत भारत स्काउट एवं गाइड जिला संघ रतलाम के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम फ्रीगंज स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय आदर्श क्रमांक-1 में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को नशे के जाल से बचाना और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
विद्यार्थियों को बताए नशे के दुष्परिणाम
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नशे के विभिन्न प्रकारों और शरीर व मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले इसके घातक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बच्चों को समझाया गया कि वे कैसे स्वयं को इन सामाजिक बुराइयों से दूर रख सकते हैं और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति सचेत कर सकते हैं। इसके साथ ही, विद्यार्थियों से जीवन में एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया।
सहायक गाइड कमिश्नर ने दिलाई शपथ
इस गरिमामय अवसर पर सहायक गाइड कमिश्नर श्रीमती आशा दुबे ने विद्यालय के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। सभी ने एक सुर में खुद को नशे से दूर रखने और समाज को नशामुक्त बनाने में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
”अनुशासन और सकारात्मक सोच ही नशे से दूर रहने का सबसे बड़ा हथियार है।”
— श्री रमेश बारिया, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट)
अनुशासन और संस्कारों पर जोर
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) श्री रमेश बारिया ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यदि छात्र अपने जीवन में अनुशासन, अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच को अपनाएंगे, तो वे कभी भी नशे जैसी गलत आदतों का शिकार नहीं होंगे।
स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प
इस अभियान में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित समस्त स्टाफ ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाकर उन्हें नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में एक सक्रिय प्रहरी के रूप में तैयार करना रहा।
