
रतलाम, 28 जून:
आज का दिन एक तरफ जहाँ समाज में बच्चों की सेहत, उनकी सुरक्षा और उनके जीवन को बचाने के लिए माता-पिता की जागरूकता की मिसाल पेश कर रहा है… जहाँ लाखों लोग आज अपने बच्चों की जान बचाने और उन्हें बीमारियों से दूर रखने के लिए हर मुमकिन दवा पिलवा रहे हैं और मन्नतें मांग रहे हैं… वहीं दूसरी तरफ रतलाम से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर हर किसी की रूह कांप जाए। एक अबोध, निष्पाप नवजात बच्चे को आखिर कोई इस कदर बेरहमी से लावारिस कैसे छोड़ सकता है?
पानी के पाइप के भीतर बोरे में बंद मिला नवजात
यह दिल दहला देने वाली घटना रतलाम जिले के मथुरी गांव के पास रिंग रोड किनारे की है। रविवार सुबह करीब 10 बजे जब मथुरी गांव के किसान अंबाराम पाटीदार अपने खेत की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें घोड़ाखेड़ा रोड स्थित पुलिया के समीप पानी के पाइप के भीतर से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।
जब उन्होंने पास जाकर देखा, तो पाइप के अंदर एक बारदान (बोरा) रखा था। बोरा खोलने पर उसके अंदर एक प्लास्टिक की थैली में लिपटा हुआ एक नवजात बालक जीवित अवस्था में मिला।
जन्म के तुरंत बाद छोड़े जाने की आशंका
ग्रामीणों ने जब बच्चे को देखा तो उसकी नाल और आंत (अम्बिलिकल कॉर्ड) तक नहीं कटी थी। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि बच्चे का जन्म रविवार सुबह ही हुआ था और जन्म के कुछ ही समय बाद उसे वहां छोड़ दिया गया。 ग्रामीणों का कहना है कि यदि बच्चे को रात में छोड़ा गया होता, तो बारिश और जंगली परिस्थितियों में उसका जीवित बचना बेहद मुश्किल था。 यह तो ईश्वर की कृपा और ग्रामीणों की सतर्कता थी कि मासूम की जान बच गई。
अस्पताल में उपचार जारी, जांच में जुटी पुलिस
किसान अंबाराम ने तुरंत गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी और डायल-112 के माध्यम से डीडी नगर थाना पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को तुरंत अपने संरक्षण में लिया और मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट (MCH) में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।
डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव का बयान:
“नवजात को अस्पताल में सुरक्षित भर्ती करा दिया गया है। मासूम को इस तरह लावारिस छोड़ने वाले अज्ञात आरोपियों की पहचान करने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही क्षेत्र के अस्पतालों और प्रसूति केंद्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जा सके। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।”
हमारा संदेश (संपादकीय टिप्पणी):
यह घटना हमारे समाज के संवेदनशील हिस्से पर एक गहरा सवाल खड़ी करती है। जहाँ एक तरफ लोग संतान सुख के लिए तरसते हैं और अपने बच्चों को हर बीमारी से बचाने के लिए हर संभव जतन करते हैं, वहीं कुछ जिम्मेदार लोगों ने इस मासूम को इस तरह लावारिस छोड़ दिया। पुलिस मुस्तैदी से जांच कर रही है, और उम्मीद है कि इस निष्ठुर कृत्य को अंजाम देने वाले चेहरे जल्द ही कानून के सामने होंगे।
