
रतलाम। जिला कांग्रेस कमेटी रतलाम के तत्वावधान में आज (29 जून 2026) को शहर में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई。 पूर्व विधायक व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और किसान सड़कों पर उतरे。 कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया, तो पुलिस को उन्हें रोकने के लिए वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल करना पड़ा。 प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा。
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे:
खाद की भारी किल्लत: शासन द्वारा खाद की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की गई है। यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी खाद के दाम बढ़ने और टोकन प्रणाली का सर्वर डाउन होने से किसान त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।
आदिवासी क्षेत्रों की अनदेखी: सैलाना और रतलाम ग्रामीण क्षेत्र के आदिवासी पट्टाधारकों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है。
नगर निगम में 50% कमीशनखोरी: रतलाम नगर निगम में 40 से 50 प्रतिशत तक कमीशन लेकर घटिया सड़कों और नालियों का निर्माण किया जा रहा है。 झोपड़पट्टी निवासियों को भारी-भरकम संपत्ति कर के नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है。
ध्वस्त सीवरेज व्यवस्था: शहर की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। सड़कों पर गंदगी बह रही है और पीने के पानी में दूषित पानी मिल रहा है。
भर्ती परीक्षाओं में घोटाले: प्रदेश में नीट (NEET), एक्साइज कांस्टेबल और फॉरेस्ट गार्ड जैसी भर्ती परीक्षाओं में हुए घोटालों को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है。
बैरिकेड्स पर तीखी झड़प
कांग्रेस की रैली को रोकने के लिए पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के भारी बैरिकेड्स लगा रखे थे। उग्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच यहां तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़कर स्थिति पर काबू पाया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत और शहर अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं और नगर निगम के भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कर जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो आगे इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा。
