
: रतलाम। नगर निगम ने आज मोमिनपुरा क्षेत्र के बरगुंडों का वास में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए निगम के स्वामित्व वाली 36 दुकानों पर जेसीबी चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया। राजीव गांधी स्वावलंबन योजना के तहत करीब 35 वर्ष पहले बनाई गई इन दुकानों पर लंबे समय से अवैध कब्जा था और इनसे निगम को कोई राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा था।
कार्रवाई से जुड़ी पूरी रिपोर्ट इस प्रकार है:
35 साल पहले बनी थीं दुकानें, कभी नहीं हुआ आवंटन
मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम द्वारा करीब साढ़े तीन दशक पहले राजीव गांधी स्वावलंबन योजना के अंतर्गत इन 36 दुकानों का निर्माण कराया गया था। आश्चर्य की बात यह है कि निर्माण के बाद से ही नगर निगम द्वारा इन दुकानों को आधिकारिक तौर पर किसी को भी आवंटित नहीं किया गया था।
कब्जेदारों ने नहीं चुकाया किराया, किया था अतिक्रमण
आवंटन न होने के बावजूद, आस-पास के कुछ रहवासियों और रसूखदारों ने इन दुकानों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। सालों से इन दुकानों का व्यावसायिक उपयोग करने के बाद भी निगम को एक रुपया भी किराया नहीं दिया जा रहा था। इसके साथ ही कब्जेदारों ने दुकानों के आस-पास की खाली जमीन पर भी अतिक्रमण कर रखा था, जिससे क्षेत्र में आवागमन और विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे।
निगम प्रशासन का चला बुलडोजर
लंबे समय से मिल रही शिकायतों और राजस्व के नुकसान को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने इस अवैध कब्जे को हटाने का कड़ा फैसला लिया। आज भारी पुलिस बल और निगम के मलबे हटाने वाले दस्ते के साथ टीम मोमिनपुरा क्षेत्र के बरगुंडों का वास पहुंची।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की जेसीबी ने एक-एक कर सभी 36 दुकानों को ढहा दिया। शुरुआत में कब्जेदारों की ओर से हल्के विरोध की स्थिति बनी, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे किसी की एक न चली और कुछ ही घंटों में पूरी जगह को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया।
बड़ी सीख: नगर निगम की इस कार्रवाई से साफ है कि सरकारी जमीनों और संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। निगम अब इन मुक्त कराई गई जमीनों का उपयोग शहर के विकास और व्यवस्थित बाजार निर्माण के लिए करने की योजना बना रहा है।
