
रतलाम। मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के तहत समयसीमा में जनता को सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने के मामले में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने जिले के नौ राजस्व अधिकारियों पर कुल 9,500 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।
अधिनियम के तहत विभिन्न न्यायालयों और तहसीलों के कुल 38 प्रकरण निर्धारित समयसीमा से बाहर पाए गए, जिससे आवेदकों को समय पर सेवाएं नहीं मिल सकीं। इसे अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए धारा 7(1)(क) के तहत यह जुर्माना लगाया गया है।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई:
तहसीलदार जावरा श्री सहदेव मौरे पर 20 लंबित प्रकरणों के लिए 5,000 रुपये।
न्यायालय नायब तहसीलदार टप्पा बड़ावदा श्री भगवान सिंह ठाकुर पर 04 लंबित प्रकरणों के लिए 1,000 रुपये।
न्यायालय नायब तहसीलदार रतलाम शहर (पश्चिम भाग) श्री ऋषभ ठाकुर पर 04 लंबित प्रकरणों के लिए 1,000 रुपये।
न्यायालय नायब तहसीलदार टप्पा ढोढर श्री वैभव जैन पर 03 लंबित प्रकरणों के लिए 750 रुपये।
न्यायालय नायब तहसीलदार आलोट श्री पंकज पवैया पर 02 लंबित प्रकरणों के लिए 500 रुपये।
न्यायालय नायब तहसीलदार टप्पा शिवगढ़ श्री रामकलेश साकेत पर 02 लंबित प्रकरणों के लिए 500 रुपये।
तहसीलदार सैलाना श्री कुलभूषण शर्मा पर 01 लंबित प्रकरण के लिए 250 रुपये।
तहसीलदार रावटी श्रीमती वंदना किराडे पर 01 लंबित प्रकरण के लिए 250 रुपये।
न्यायालय नायब तहसीलदार पिपलौदा श्रीमती श्रद्धा त्रिवेदी पर 01 लंबित प्रकरण के लिए 250 रुपये।
कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा है कि आम जनता के कार्यों के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
