
रतलाम। नगर निगम रतलाम के वार्ड क्रमांक 28 के गरीब और मजदूर वर्ग के निवासियों को निगम प्रशासन द्वारा भारी-भरकम संपत्ति कर (Property Tax) जमा करने के नोटिस दिए जाने के बाद जनता में भारी आक्रोश है। इस समस्या के खिलाफ आज बड़ी संख्या में वार्ड के नागरिक नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नोटिसों को तुरंत निरस्त करने की मांग को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
30 साल से पट्टे पर बसे गरीबों पर टैक्स का बोझ क्यों?
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वार्ड क्रमांक 28 में शासन द्वारा करीब 30 वर्ष पूर्व शासकीय भूमि पर पट्टे देकर इन गरीब मजदूर परिवारों को बसाया गया था। यह वर्ग अत्यंत गरीब है और रोज़ मजदूरी करके अपना पेट पालता है। निवासियों का साफ कहना है कि:
”हम इतनी बड़ी राशि का संपत्ति कर जमा करने में पूरी तरह असमर्थ हैं। जब शासन ने हमें पट्टे देकर खुद बसाया है, तो अब इस तरह के भारी-भरकम नोटिस भेजकर प्रताड़ित क्यों किया जा रहा है? इन नोटिसों को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।”
नल कनेक्शन के नाम पर वसूली, नहीं मिली डायरी; अब फिर मांग रहे पैसे
ज्ञापन में नगर निगम के भ्रष्टाचार और ठेकेदारों की लापरवाही का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। निवासियों ने आरोप लगाया कि वार्ड में नल कनेक्शन के लिए नियुक्त ठेकेदार और निगम कर्मचारियों को ₹3,500 की राशि का भुगतान किया गया था। राशि लेने के बाद नल कनेक्शन तो चालू कर दिए गए, लेकिन उपभोक्ताओं को आज तक ‘नल डायरी’ नहीं दी गई। अब निगम प्रशासन द्वारा दोबारा से राशि की मांग की जा रही है, जिसे लेकर जनता में भारी नाराजगी है।
