स्टेशन रोड पुलिस का बड़ा एक्शन, गोदाम में हुई चोरी का खुलासा; 2 आरोपी गिरफ्तार


​रतलाम। थाना स्टेशन रोड पुलिस ने महू-नीमच रोड स्थित एक गोदाम में हुई चोरी का महज़ कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब ₹55 हजार मूल्य का चोरी गया इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है। वहीं, इनका एक साथी फिलहाल फरार है।


​क्या था मामला?


​फरियादी शलभ अग्रवाल (निवासी वेदव्यास कॉलोनी) ने 11 जून 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि महू-नीमच रोड स्थित पेपर मिल कंपाउंड में उनका खाद और इलेक्ट्रॉनिक सामान का गोदाम है। 9 जून की शाम को कर्मचारी गोदाम लॉक करके गया था, लेकिन 11 जून की सुबह जब वह वापस पहुंचा तो ताला टूटा मिला। गोदाम से कूलर, आरओ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब थे। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।


​ऐसे धरे गए आरोपी


​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देशन में स्टेशन रोड थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह जादौन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र की मदद से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया:


​हारुन खान (उम्र 22 वर्ष), निवासी हाथीखाना, रतलाम।
​जफर उर्फ माचो (उम्र 30 वर्ष), निवासी मोचीपुरा, रतलाम।
​पूछताछ में दोनों ने अपने एक अन्य साथी सईद खान (निवासी डाट की पुल) के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूल किया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पैसों की जरूरत के चलते चोरी का सामान अलग-अलग लोगों को बेच दिया था।


​₹55 हजार का सामान बरामद


​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग ठिकानों से 06 कूलर और 01 पंखा जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत करीब ₹55,000 आंकी गई है। पुलिस अब फरार आरोपी सईद खान की तलाश और अन्य सामान की बरामदगी के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।


​सराहनीय भूमिका: इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह जादौन, उपनिरीक्षक मुकेश सस्तिया, प्रधान आरक्षक हेमन्त परमार, मुकेश सिंह चौहान सहित आरक्षक लाखन सिंह, रितेश यादव, दीपक वसुनिया, मोहन पाटीदार, मृत्युंजय सिंह, धीरेन्द्र गोखले और राजेश सिंगाड़ की मुख्य भूमिका रही।

Website Design by

KAMAKSHI WEB

Contact : 9753910111

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!