
भोपाल/ प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों के अन्य संवर्गों की पदोन्नति होने और पटवारी संवर्ग की लगातार उपेक्षा किए जाने से नाराज प्रदेशभर के पटवारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर पटवारियों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू हो चुका है, जिससे आने वाले दिनों में राजस्व से जुड़े काम पूरी तरह ठप होने के आसार हैं।
3 दिवसीय सामूहिक अवकाश के बाद अगला कदम
इससे पहले अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदेशभर के पटवारी 15 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक रुख न दिखने के बाद अब आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत कर दी गई है।
आज से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन
आंदोलन की पहली कड़ी में आज, 20 जुलाई से 23 जुलाई तक सभी पटवारी हाथों और बांहों पर काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्यों का संपादन करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसी के साथ पटवारियों द्वारा प्रदेश के सभी जिलों की तहसीलों में माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया जा रहा है।
जानिए क्या है आंदोलन की आगे की रूपरेखा (शेड्यूल)
पटवारी संघ ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। आगामी दिनों का कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:
24 से 27 जुलाई तक: सभी पटवारी समस्त शासकीय व्हाट्सएप्प (WhatsApp) व अन्य डिजिटल विभागीय समूहों (Groups) का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे।
28 जुलाई से 2 अगस्त तक: डिजिटल और ऑनलाइन कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान वेबजीआईएस (WebGIS), सारा एप्प (SARA App) तथा अन्य सभी प्रकार के ऑनलाइन कूपन और एंट्री के कार्य बंद रहेंगे।
03 अगस्त से आगामी आदेश तक: यदि तब भी समाधान नहीं निकला, तो 3 अगस्त से प्रदेशभर के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर: पटवारियों के इस चरणबद्ध आंदोलन और ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार से किसानों के काम, नामांतरण, सीमांकन, जाति-आय प्रमाणपत्रों का वेरिफिकेशन और ‘सारा एप्प’ से जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व कार्य बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
