
रतलाम। ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत सोमवार को रतलाम जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक स्मरण पत्र (रिमाइंडर) सौंपा गया। अभियान से जुड़े गोभक्तों और कार्यकर्ताओं ने संपूर्ण भारत में देशी गोवंश की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए एक कठोर केंद्रीय कानून बनाने तथा पृथक ‘केंद्रीय गो-पालन मंत्रालय’ की स्थापना की मांग दोहराई है।
इससे पूर्व, 27 अप्रैल 2026 को देशभर की 5100 से अधिक तहसीलों के माध्यम से सवा पांच करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ प्रधानमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजा गया था। तीन माह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस नीतिगत निर्णय न होने पर 27 जुलाई को पुनः जिला स्तर पर स्मरण पत्र सौंपकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया।
अभियान की मुख्य मांगे:
केंद्रीय कानून व पृथक मंत्रालय: देशभर में गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए ‘केन्द्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम’ लागू हो तथा स्वतंत्र गो-पालन मंत्रालय का गठन किया जाए।
संवैधानिक सम्मान: देशी गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राष्ट्र आराध्या’ का संवैधानिक दर्जा दिया जाए।
कठोर सजा: गो तस्करी और गोवध को गैर-जमानती अपराध घोषित कर आजीवन कारावास और संपत्ति कुर्क (राजसात्) करने का प्रावधान हो।
राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग सुरक्षा: दुर्घटनाग्रस्त गोवंश के उपचार हेतु हर 50 किमी पर ‘गो-वाहिनी एम्बुलेंस’ और 150-200 किमी पर आधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएं।
गोचर भूमि व चारा संरक्षण: गोचर भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और चारे के औद्योगिक उपयोग पर रोक लगाई जाए।
अभियान के प्रतिनिधियों ने बताया कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आगामी चरणों में राज्य स्तर और तत्पश्चात नई दिल्ली में शांतिपूर्ण संकीर्तन व प्रार्थना के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की जाएगी।
