
रतलाम
श्रीमंत माधवराव सिंधिया कृषि उपज मंडी एवं आदर्श प्याज लहसुन मंडी के संयुक्त तुलावटी संघ, रतलाम ने मंडी में नए तुलावटियों की भर्ती का कड़ा विरोध किया है। संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडी सचिव नरगावे को एसडीएम एवं मंडी प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा और मांग की कि नए तुलावटियों की भर्ती के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए।
वर्तमान व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता, नई भर्ती की नहीं
ज्ञापन में संघ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मंडी में कार्यरत तुलावटियों की संख्या मंडी की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त है। वास्तविक समस्या तुलावटियों की कमी नहीं, बल्कि कार्य के वितरण और उपलब्ध कार्य के संतुलित आवंटन की है। कई तुलावटियों को वर्ष भर नियमित कार्य नहीं मिल पाता, जिससे उनके परिवारों के पालन-पोषण में कठिनाई आ रही है।
तुलावटी संघ का कहना है कि यदि मंडी प्रशासन को किसी प्रकार की कमी महसूस होती है, तो पहले वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर कार्य वितरण एवं प्रबंधन में सुधार किया जाए। बिना आवश्यकता नई भर्ती करना वर्तमान तुलावटियों के हितों के विपरीत होगा। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि जो तुलावटी एक-एक वर्ष से कार्य पर नहीं आ रहे हैं, उनकी वजह से व्यवस्था बिगड़ रही है, लेकिन मंडी समिति उन पर उचित कार्यवाही नहीं कर रही है, जो कि अत्यंत चिंता का विषय है।
मांग पूरी न होने पर काम बंद और लोकतांत्रिक विरोध की चेतावनी
तुलावटी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि संघ की आपत्तियों की अनदेखी करते हुए नई भर्ती की जाती है, तो संघ अपने सभी सदस्यों के साथ पूरी एकजुटता से इसका लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण विरोध करेगा। ऐसी स्थिति में संघ के सभी तुलावटी मंडी में किसी भी प्रकार का तोल कार्य नहीं करेंगे। इसके फलस्वरूप मंडी में तोल कार्य में विलंब, व्यापारिक गतिविधियों पर प्रभाव और आर्थिक नुकसान की समस्त जिम्मेदारी मंडी प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपते समय तुलावटी संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा के साथ यशवंत गुर्जर, परवेज मेव, शैलेश मंडलोई, पंकज पुरोहित, सुरेश गुर्जर, विनय पहलवान, अजय सिंह चौहान, राजेश शर्मा, निर्मल माली, विकास वोहरा, रविदास बैरागी, महेश उपाध्याय, राजेश राठौर, रमेश राठौड़, दीपक व्यास, पंडित नवीन शर्मा, हेमंत सोनवा, गोविंद जी कटारिया, राजेश बाफना, गोपाल पांचाल, योगेंद्र सिंह सोनगरा, हितेश माली, सुनील पोरवाल, हरिओम दास बैरागी एवं संस्था के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।
