
3 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपे जा रहे हैं 10 हजार पौधे, मियावाकी पद्धति से तैयार हो रहा हरित क्षेत्र
कलेक्टर अजय कटेसरिया बोले— “पौधों का जीवित रहना और संरक्षण ही अभियान की असली सफलता”
रतलाम। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है। ग्राम पंचायत रानीसिंह स्थित सेतूतपाड़ा में महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) योजना के अंतर्गत सिंचाई तालाब के समीप मियावाकी पद्धति से वृहद स्तर पर पौधारोपण कार्य जारी है। शुक्रवार को कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने स्थल पर पहुँचकर चल रहे
पौधारोपण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
24.99 लाख रुपये की लागत से विकसित हो रहा मिनी जंगल
सेतूतपाड़ा में कुल 3 हेक्टेयर क्षेत्र में 10 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 24.99 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जापानी तकनीक ‘मियावाकी पद्धति’ का उपयोग कर कम स्थान में अधिक से अधिक पौधे लगाकर एक सघन हरित क्षेत्र (डेंस फॉरेस्ट) तैयार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय पर्यावरण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
सुरक्षा और नियमित सिंचाई पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री कटेसरिया ने पौधारोपण की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, ट्री-गार्ड/फेंसिंग, नियमित सिंचाई और उचित देखरेख की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने कहा:
“लगाए गए पौधों का जीवित रहना और उनका बेहतर संरक्षण ही इस पूरे पौधारोपण अभियान की वास्तविक सफलता है। संबंधित विभाग नियमित निगरानी रखें ताकि यह क्षेत्र जल्द ही एक समृद्ध सघन वन के रूप में विकसित हो सके।”
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली जैन, सैलाना एसडीएम श्री जायसवाल सहित जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।
