रतलाम में पटवारियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार: निलंबन और वेतन कटौती के विरोध में उतरे, शासकीय कार्य और अभियान ठप्प


​ मध्य प्रदेश पटवारी संघ, जिला इकाई रतलाम ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने दो पटवारियों के निलंबन और 10 पटवारियों की वेतन कटौती के विरोध में गुरुवार (20 अगस्त 2026) से जिले के सभी शासकीय कार्यों एवं आगामी ‘मुख्यमंत्री जन विकास अभियान’ का अनिश्चितकालीन पूर्ण बहिष्कार करने का ऐलान किया है।


​कार्रवाई को बताया अन्यायपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण


पटवारी संघ का आरोप है कि फॉर्म रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा के नाम पर सैलाना अनुभाग के पटवारी परमानंद खेड़ा और जावरा अनुभाग के पटवारी महेश सिंधाड़ को बिना किसी जांच-पड़ताल के अन्यायपूर्ण तरीके से निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा तहसील रतलाम शहर के 10 पटवारियों के वेतन काटने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।


​संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा ये सभी आदेश बिना किसी निष्पक्ष परीक्षण, आकलन और विश्लेषण के दुर्भावनापूर्ण तरीके से जारी किए गए हैं। इस एकतरफा कार्रवाई से पटवारी संवर्ग में भारी आक्रोश और निराशा का माहौल है।


​मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा बहिष्कार


जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए पटवारी संघ ने स्पष्ट मांग रखी है कि पटवारियों के निलंबन और वेतन कटौती के आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। संघ ने निर्णय लिया है कि जब तक इन आदेशों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक जिले के सभी पटवारी अपने हल्का मुख्यालयों पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन समस्त शासकीय एवं राजस्व संबंधी कार्यों से पूरी तरह विरत (दूर) रहेंगे।
​आम जनता पर पड़ेगा असर


पटवारियों के इस अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से जिले में राजस्व संबंधी सभी प्रमुख काम-काज, नामांतरण, सीमांकन, जाति-आय प्रमाणपत्र संबंधी जांच और आगामी ‘मुख्यमंत्री जन विकास अभियान’ की तैयारियां पूरी तरह ठप्प होने के आसार हैं, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


​यह निर्णय मध्य प्रदेश पटवारी संघ (जिला रतलाम) के जिलाध्यक्ष एवं रतलाम शहर, ग्रामीण, जावरा, सैलाना, आलोट, बाजना, रावटी, पिपलोदा व ताल के समस्त तहसील अध्यक्षों की सहमति से लिया गया है।

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