
रतलाम। जिले की जावरा तहसील में दवा दुकानों पर अव्यवस्थाओं और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। औषधि निरीक्षक बलराम चौधरी ने जावरा स्थित कई मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के मेडिकल संचालकों में हड़कंप मच गया।
इन मेडिकल स्टोरों पर पहुंची टीम
निरीक्षण के दौरान औषधि निरीक्षक ने जावरा के प्रमुख मेडिकल स्टोरों की जांच की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
विश्वकर्मा मेडिकल
हर्ष मेडिकल
धाकड़ मेडिकल
रूनवाल केमिस्ट
पाटीदार मेडिकल
3 दिन का अल्टीमेटम, होगी कानूनी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान औषधि निरीक्षक ने संबंधित दुकान मालिकों को दवाओं की खरीदी और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड 3 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयावधि में जानकारी जमा नहीं की जाती है, तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नारकोटिक्स दवाओं और व्यवस्थाओं की गहन जांच
निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से नारकोटिक्स औषधियों के स्टॉक और उनके क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड की जांच की गई। इसके साथ ही औषधि निरीक्षक ने संचालकों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:
लाइसेंस एवं फार्मासिस्ट: दुकान पर लाइसेंस का स्पष्ट प्रदर्शन और योग्य फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य हो।
शेड्यूल ड्रग्स पर सख्ती: बिना पंजीकृत डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के शेड्यूल दवाओं की बिक्री न की जाए।
स्टॉक व रखरखाव: एक्सपायरी दवाओं के लिए अलग व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर का अप-टू-डेट संधारण और फ्रिज में रखी जाने वाली दवाओं का तापमान के अनुसार रख-रखाव सुनिश्चित करें।
साफ-सफाई: दुकानों में स्वच्छता और क्रय-विक्रय के सभी बिलों का नियमानुसार रिकॉर्ड रखा जाए।
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि दवा व्यापार में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
