
रतलाम : लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर पुनः शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) थोपे जाने को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मध्य प्रदेश शासन के इस निर्णय पर कड़ा विरोध व्यक्त करते हुए जिला स्तरीय आंदोलन और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
वर्ष 2005 और 2008 की व्यापमं परीक्षा का दिया हवाला
शिक्षकों का कहना है कि वे तत्कालीन नियुक्ति प्रक्रिया के सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा करने के बाद ही सेवा में आए हैं। कई शिक्षक वर्ष 2005 और 2008 में व्यापमं द्वारा आयोजित ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ उत्तीर्ण कर चुके हैं। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद दोबारा पात्रता परीक्षा देने का औचित्य समझ से परे है और यह शिक्षकों के मानसिक उत्पीड़न जैसा है।
आजाद अध्यापक शिक्षक संघ का बड़ा आह्वान
आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्य प्रदेश के प्रांताध्यक्ष भरत पटेल के आह्वान पर जिलेभर के शिक्षक एकजुट हो रहे हैं। संघ के संभाग अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने बताया कि तीन प्रमुख मांगों को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है:
पुनः टीईटी परीक्षा देने की अनिवार्यता से पूर्ण मुक्ति।
डिजिटल/ऑनलाइन अटेंडेंस प्रक्रिया को समाप्त करना।
प्रथम नियुक्ति दिनांक से ही सेवा अवधि की गणना करना।
3 बजे सौंपा जाएगा ज्ञापन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रविवार को प्रातः 11 बजे स्थानीय गुलाब चक्कर, कालिका माता मंदिर प्रांगण में जिलेभर के शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसके पश्चात अपराह्न 3 बजे जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड ने जिले के समस्त शिक्षकों से अपील की है कि वे अपनी जायज मांगों के समर्थन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाएं।
