
रतलाम। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने रविवार को सैलाना स्थित कृषक शुभम पाटीदार के खेत पर पहुंचकर जैविक पद्धति से की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब वे किसान और बच्चों के साथ खाट पर बैठकर भुट्टा खाते नजर आए।
खाट पर बैठकर लिया देशी भुट्टे का स्वाद
खेत पर भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री कटेसरिया ने किसान और बच्चों के साथ खाट पर बैठकर भुट्टे खाए और उनका स्वाद लेते हुए कहा, “भुट्टे बहुत मीठे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने खेत में उगाई गई बालम ककड़ी और जैविक ड्रैगन फ्रूट का भी स्वाद चखा। कलेक्टर ने ड्रैगन फ्रूट की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कई जगहों पर इसे खाया है, लेकिन रतलाम-सैलाना के ड्रैगन फ्रूट जैसी मिठास कहीं और देखने को नहीं मिली।
9 बीघा में जैविक ड्रैगन फ्रूट से बेहतर मुनाफा
कृषक शुभम पाटीदार ने कलेक्टर को बताया कि वे कुल 9 बीघा जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं (4 बीघा में 2 साल से और 5 बीघा में 6 साल से)। उन्होंने बताया कि बाजार में ड्रैगन फ्रूट की मांग काफी अच्छी है और क्षेत्र में सीमित किसान ही इसकी खेती कर रहे हैं, जिससे यह आसानी से बिक जाता है और अच्छी कमाई होती है।
किसान शुभम पूरी तरह जैविक तकनीक अपना रहे हैं। वे खेत पर ही जीवामृत तैयार कर उसका छिड़काव करते हैं और केंचुआ खाद (वर्मीकंपोस्ट) का इस्तेमाल करते हैं।
कृषि नवाचार की सराहना
कलेक्टर ने किसान की मेहनत और कृषि नवाचार की जमकर सराहना की। साथ ही मौके पर मौजूद उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से ड्रैगन फ्रूट और अन्य नई फसलों की संभावनाओं तथा तकनीकी पहलुओं पर जानकारी ली और जिले में ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने की बात कही।
