सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: शिवपुर के सुराना में 36वां सालाना उर्स शुरू, उमड़ा आस्था का सैलाब

A Beacon of Communal Harmony: 36th Annual Urs Begins in Surana, Shivpur

​शिवपुर (मध्य प्रदेश) | रिपोर्ट: दशरथ सोलंकी शिवपुर के ग्राम सुराना में गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है। यहाँ हज़रत मिठ्ठन शाह वली की दरगाह पर 36वां सालाना उर्स बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया है। दो दिनों तक चलने वाला यह आयोजन विशेष रूप से हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे को समर्पित रहता है।

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई शुरुआत

उर्स का आगाज़ 29 मार्च को सुबह 9 बजे कुरान ख्वानी के साथ हुआ। इसके पश्चात ज़ौहर की नमाज़ के बाद बड़े ही अकीदत के साथ ‘चादर शरीफ’ का जुलूस निकाला गया।

जुलूस का मार्ग: यह पारंपरिक जुलूस हज़रत सैय्यद मंसूर अली की मज़ार से शुरू होकर हज़रत मिठ्ठू शाह वली के आस्ताने पर पहुँचा, जहाँ मखमली चादर पेश कर मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी गई।

विशेष आकर्षण: चादर शरीफ के जुलूस के दौरान यूसुफ और फारूक कव्वाल पार्टी ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

​लंगर और मेले का आनंद

​सैय्यद हैदर अली और सैय्यद उस्मान अली ‘गुड्डा’ ने बताया कि यह आयोजन वर्षों से सुराना की पहचान बना हुआ है।

भंडारा/लंगर: 29 और 30 मार्च को शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक ज़ायरीन (श्रद्धालुओं) के लिए लंगर का विशेष प्रबंध किया गया है।

मेला: बच्चों और बड़ों के आकर्षण के लिए उर्स परिसर में झूले और विशाल मेले का आयोजन किया गया है।

​जंगी कव्वाली मुकाबला: राजस्थान बनाम उत्तर प्रदेश

उर्स का मुख्य आकर्षण 30 मार्च की रात को होने वाला कव्वाली प्रोग्राम होगा। रात 8 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में देश के मशहूर कव्वालों के बीच शानदार मुकाबला देखने को मिलेगा:

  • शबीर सदाकत साबरी (कपासन, राजस्थान)
  • ​आशिफ मलिक साबरी (मेरठ, उत्तर प्रदेश)

​यह मुकाबला रात भर चलेगा, जहाँ कव्वाल अपनी सूफियाना गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

​”यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि हिंदू और मुस्लिम समाज की अटूट एकता का प्रतीक है। हर साल की तरह इस बार भी क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में यहाँ आशीर्वाद लेने पहुँच रहे हैं।”
— सैय्यद हैदर अली (आयोजक)

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