
(रतलाम) | 31 मार्च 2026 मशहूर सूफी संत हजरत मिठ्ठन शाह वली के 36वें सालाना उर्स का समापन सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल के साथ हुआ। सोमवार रात आयोजित भव्य कव्वाली मुकाबले ने श्रोताओं को सुबह तक बांधे रखा।
”राम-रहीम एक हैं”: कव्वालों ने पेश की गंगा-जमुनी तहजीब
राजस्थान के शबीर सदाकत साबरी और मेरठ के आसिफ मलिक साबरी के बीच हुए कव्वाली मुकाबले में देशभक्ति और प्रेम के तराने गूंजे। कलाकारों ने जब गाया— “ये राम-रहीम एक हैं, लाल-हरे रंग में हमको मत बांटो” और “हिंदू को गीता की कसम, मुस्लिम को कुरान की कसम, देश के लिए लगा दो बाजी जान की”, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
हिंदू-मुस्लिम एकता कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सुराना सहित रतलाम, बड़नगर, धार और मंदसौर जैसे कई जिलों से हजारों जायरीन शामिल हुए। मंगलवार सुबह ‘रंग व कुल की फातेहा’ के साथ उर्स का विधिवत समापन हुआ।
दिग्गजों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कमेटी सचिव सय्यद उस्मान अली (गुड्डा), उर्स सदर सय्यद हैदर अली, कांग्रेस नेता यास्मीन शेरानी, दिलीप कुमावत और घनश्याम कुमावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। रात भर चले मेले ने भी उर्स की रौनक दोगुनी कर दी।
