
रतलाम।
चिकित्सकों के प्रति सम्मान प्रकट करने वाले विशेष अवसर ‘राष्ट्रीय डॉक्टर्स-डे’ (1 जुलाई) को इस बार रतलाम में एक बेहद सेवाभावी रूप में मनाया जा रहा है। शहर के जाने-माने दिवंगत व्यक्तित्व स्वर्गीय अश्विनी शर्मा जी की पुण्य स्मृति को जीवंत रखते हुए स्थानीय जिला चिकित्सालय में एक विशाल रक्तदान महा-अभियान का आगाज होने जा रहा है। संयुक्त चिकित्सा संगठनों और सामाजिक सहभागिता के साथ आयोजित होने वाला यह शिविर गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।
फीवर क्लिनिक बनेगा इस सेवा यज्ञ का केंद्र
आयोजन समिति से मिली जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल परिसर में स्थित फीवर क्लिनिक को इस भव्य रक्तदान शिविर का केंद्र बनाया गया है। 1 जुलाई, बुधवार सुबह 9:00 बजे से ही इस पुनीत कार्य की शुरुआत हो जाएगी, जो निरंतर दोपहर 3:00 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान आने वाले रक्तदाताओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि वे सुगमता से अपना योगदान दे सकें।
इन प्रमुख संस्थाओं ने मिलाया हाथ
इस बड़े आयोजन को धरातल पर उतारने के लिए चिकित्सा जगत की अग्रणी संस्थाएं एकजुट हुई हैं। शिविर का सफल संचालन मुख्य रूप से:
मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), रतलाम
मध्य प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन
के संयुक्त तत्वावधान और आपसी तालमेल से किया जा रहा है।
प्रशासनिक और राजनैतिक हस्तियां बढ़ाएंगी हौसला
रक्तदाताओं के उत्साहवर्धन और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए शहर के प्रमुख लोग इस आयोजन में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रतलाम जिला कलेक्टर मीशा सिंह मौजूद रहेंगी, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय शिरकत कर रक्तदाताओं की हौसलाअफजाई करेंगे।
”रक्त का कोई विकल्प नहीं, यह नैतिक जिम्मेदारी” – डॉ. एपी सिंह
रतलाम जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एपी सिंह ने इस मुहिम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान ने चाहे कितनी भी तरक्की कर ली हो, लेकिन इंसानी खून का कोई कृत्रिम विकल्प आज तक नहीं खोजा जा सका है। अस्पतालों में हर दिन कई जिंदगी केवल समय पर रक्त न मिलने के कारण दम तोड़ देती हैं। ऐसे में स्वेच्छा से किया गया एक यूनिट रक्तदान भी किसी परिवार का बुझता हुआ चिराग रोशन कर सकता है। उन्होंने इसे समाज के प्रति हमारा सबसे बड़ा नैतिक दायित्व बताया है।
शहरवासियों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील
आयोजकों और डॉक्टरों की टीम ने रतलाम के युवाओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों से आह्वान किया है कि वे न केवल खुद इस शिविर का हिस्सा बनें, बल्कि अपने परिवार और मित्रों को भी इस महादान के लिए प्रेरित करें। आपका एक छोटा सा कदम किसी के लिए नया जीवन बन सकता है।
