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रतलाम। जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों की सुविधा के लिए लागू की गई ई-विकास (ई-टोकन) प्रणाली की अनदेखी करने वाले व्यापारियों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देश पर कृषि विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 06 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
क्यों हुई कार्रवाई?
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार, 01 अप्रैल से शत-प्रतिशत खाद का वितरण ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही किया जाना अनिवार्य था। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ विक्रेताओं ने 01 से 05 अप्रैल के बीच बिना ई-टोकन के खाद का विक्रय किया।
”शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि खाद का वितरण पारदर्शी तरीके से हो। कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर ‘उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985’ के तहत यह कार्रवाई की गई है।”— श्री आर.के. सिंह, उप संचालक (कृषि)
इन 06 विक्रेताओं के लाइसेंस हुए निलंबित:
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, निम्नलिखित फर्मों पर गाज विक्रेता का नाम क्षेत्र
1 प्रकाश चंद्र रतनलाल जैन जावरा
2 पाटीदार किसान बाजार रोजाना, जावरा
3 चारभुजा ट्रेडिंग कंपनी बड़ावदा, जावरा
4 विश्वकर्मा ट्रेडर्स डोसीगांव, रतलाम
5 राज केमिकल एंड फर्टिलाइजर रतलाम
6 ग्राहक सेवा केंद्र गुडभेली, आ
नियमों का पालन अनिवार्य
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या ई-टोकन प्रणाली की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी दिनों में भी कृषि विभाग का अमला सघन मॉनिटरिंग जारी रखेगा।
किसानों के लिए संदेश: खाद खरीदते समय ई-टोकन जरूर प्राप्त करें ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
