
रतलाम | 21 म.प्र. बटालियन एनसीसी रतलाम द्वारा वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 20 मई से 02 जून तक शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सैलाना में किया जा रहा है। कमान अधिकारी कर्नल राघवेन्द्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक अधिकारी कर्नल संदीप अहलावत के निर्देशन में चल रहे इस शिविर में कैडेट्स को कड़े सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ जीवन रक्षक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जा रही है।
प्रतिदिन प्रातःकालीन सत्र में कैडेट्स को सैन्य विषयों के अंतर्गत शस्त्र प्रशिक्षण, फायरिंग, नेवीगेशन, टेन्ट पिंचिंग, कवायद (परेड) और मैप रीडिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न मोटिवेशनल एवं सुरक्षात्मक विषयों पर व्याख्यान भी आयोजित किए जा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन: ‘घबराने के बजाय संयम और सतर्कता से काम लें’
शिविर के दौरान राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDRF) रतलाम के प्लाटून कमांडर श्री बद्री मंडलोई द्वारा जनसुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन पर एक विशेष जागरूकता व्याख्यान दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को प्राकृतिक व मानवजनित आपदाओं से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था।
- व्यावहारिक प्रदर्शन: SDRF की टीम ने भूकंप आने पर सुरक्षित स्थान पर जाने, आग लगने पर प्राथमिक उपचार अपनाने और बाढ़ के समय सुरक्षित स्थानों तक पहुँचने की विधियों का लाइव डेमो (व्यवहारिक प्रदर्शन) दिया।
- महत्वपूर्ण टिप्स: श्री मंडलोई ने बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय संयम और सतर्कता से काम लेना चाहिए। सही समय पर लिया गया निर्णय जन-माल की हानि को काफी हद तक कम कर सकता है। कार्यक्रम में सीपीआर (CPR), प्राथमिक उपचार, अग्निशमन यंत्रों के उपयोग और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई।
साइबर सुरक्षा: डिजिटल युग में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
व्याख्यान माला की इसी कड़ी में राष्ट्रीय अपराध जाँच ब्यूरो के राज्य निदेशक श्री राजेश सुराणा ने साइबर अपराधों पर कैडेट्स का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग और बैंकिंग फ्रॉड जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए श्री सुराणा ने दिए ये जरूरी मंत्र:
- अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, ओटीपी या पासवर्ड कभी भी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
- सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी संदिग्ध या अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा मजबूत पासवर्ड (Strong Password) और टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification) चालू रखें।
- साइबर अपराधी अक्सर लालच, डर या झूठे प्रलोभन देकर ठगी करते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत विश्वास न करें।
- हेल्पलाइन नंबर: यदि कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
यह स्टाफ रहा उपस्थित
इस पूरे आयोजन के दौरान लेफ्टिनेंट विजेन्द्र सोलंकी, सी/ओ सुरेन्द्र सिंह चौहान, सी/ओ डॉ. विजयसिंह पुरावत, एफ/ओ माया मेहता, एफ/ओ धर्मपाल मीणा, एस/ओ कौशल सिंह, राकेश हरोड, चंद्रप्रकाश सोलंकी, सआदत खान सहित पीआई स्टाफ (PI Staff) तथा कार्यालयीन स्टाफ मुख्य रूप से उपस्थित रहा।
