
रतलाम। शहर के प्रसिद्ध बरबड़ हनुमान मंदिर पर आयोजित होने वाला ‘बरबड़ हनुमान मेला 2026’ इस बार ऐतिहासिक होने जा रहा है। नगर निगम द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय मेले में वर्षों पुरानी परंपराएं और आधुनिक भव्यता का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। महापौर प्रहलाद पटेल ने आयोजन की तैयारियों को लेकर शहर के विभिन्न अखाड़ा संचालकों और उस्तादों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
1970 के बाद पहली बार बनेगा यह रिकॉर्ड
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वर्ष 1970 के बाद पहली बार शहर के सभी अखाड़े एक ही बैनर तले एकत्रित होकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। आगामी 31 मार्च को राम मंदिर से बरबड़ हनुमान मंदिर तक एक भव्य झांकी निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक जुलूस में बैंड-बाजों की गूंज के साथ संयुक्त अखाड़ा आकर्षण का केंद्र रहेगा, जहां पहलवानों द्वारा हैरतअंगेज शस्त्र कला का प्रदर्शन किया जाएगा। मेले का मुख्य कार्यक्रम और आकर्षण: मेले की अवधि: 29 मार्च से 2 अप्रैल तक।
चंटिया रास: 29 और 30 मार्च को पारंपरिक ‘पुरुष चंटिया रास’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। शौर्य प्रदर्शन: 31 मार्च को निकलने वाली झांकी में शहर के नामी पहलवान अपनी कला का जौहर दिखाएंगे।
तैयारियों में जुटे शहर के दिग्गज
महापौर प्रहलाद पटेल द्वारा आयोजित बैठक में शहर के प्रतिष्ठित उस्ताद और पहलवान शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से मुकेश पहलवान उस्ताद, कालू रोतेला, भरत कुमावत, शंकर कुमावत उस्ताद, निर्मल कुमावत, सत्यनारायण शर्मा, घनश्याम परमार, दिनेश पहलवान उस्ताद, कैलाश पहलवान, राम पहलवान उस्ताद, पप्पू मेहता, परमानन्द पहलवान उस्ताद, महावीर पहलवान उस्ताद, शक्तिसिंह सोलंकी और धर्मेंद्र व्यास सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे।
महापौर ने सभी शहरवासियों से इस भव्य आयोजन में सहभागी बनने और इसे सफल बनाने का आग्रह किया है। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि रतलाम की सांस्कृतिक एकता और वीरता के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।
