
रतलाम। शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास आलोट की छात्राओं और उनके पालकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अधीक्षिका निर्मला भंभर का स्थानांतरण रद्द करने की मांग की है। 10 अगस्त 2026 को दिए गए इस आवेदन में अभिभावकों और छात्राओं ने एक गंभीर घटनाक्रम का खुलासा करते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
बिना अनुमति वीडियो और फोटो बनाने का आरोप
ज्ञापन में छात्राओं और अभिभावकों का कहना है कि 13 जुलाई 2026 को छात्रावास अधीक्षक करण जाट बिना अनुमति के छात्राओं के कमरों में घुस आए और उनके वीडियो व फोटो बनाए। जब इस विषय पर हॉस्टल अधीक्षिका निर्मला भंभर ने आपत्ति दर्ज कराई, तो आरोपी अधीक्षक द्वारा उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार, मां-बहन की नग्न गालियां देने तथा जान से मारने की धमकी देने की बात सामने आई है।
’सुरक्षा की आवाज उठाने की मिली सजा’
छात्राओं का आरोप है कि मैडम निर्मला भंभर ने उनकी सुरक्षा और निजता (प्राइवेसी) के हक में आवाज उठाई थी। आरोप के मुताबिक, दोषी व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने उल्टा शिकायत दर्ज कराने वाली अधीक्षिका का ही ट्रांसफर कर दिया। छात्राओं का कहना है कि इस पूरे मामले में केवल 5-6 लड़कियों के बयान लिए गए, जबकि निष्पक्ष जांच किए बिना और अन्य छात्राओं की बात सुने बिना यह कार्रवाई की गई।
उग्र आंदोलन और हॉस्टल छोड़ने की चेतावनी
छात्राओं और अभिभावकों (पालकगण) ने स्पष्ट किया है कि यदि मैडम निर्मला भंभर का ट्रांसफर निरस्त नहीं किया गया और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो सभी छात्राएं छात्रावास छोड़ने और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। ज्ञापन पर बड़ी संख्या में पालकों और छात्राओं के हस्ताक्षर व नाम दर्ज हैं।
