
रतलाम। जिले के ग्राम पालसोड़ी में प्रस्तावित निवेश क्षेत्र (Investment Region) को लेकर आदिवासी समाज का आक्रोश सड़कों से होता हुआ अब महापंचायत तक जा पहुंचा है। रविवार को पालसोड़ी में आयोजित विशाल आदिवासी महापंचायत में हजारों की संख्या में समाजजन एकत्रित हुए, जहां उन्होंने अपनी जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया।
महापंचायत के मुख्य बिंदु:
- जमीन अधिग्रहण का विरोध: ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा प्रस्तावित निवेश क्षेत्र के नाम पर उनकी उपजाऊ जमीनें छीनी जा रही हैं, जिससे उनका अस्तित्व खतरे में है।
- एकजुटता का संकल्प: महापंचायत में उपस्थित आदिवासी नेताओं और युवाओं ने शपथ ली कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे।
- प्रशासन को चेतावनी: समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया और निवेश क्षेत्र की योजना को निरस्त नहीं किया गया, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
क्यों हो रहा है विरोध?
ग्रामीणों का तर्क है कि इस क्षेत्र में उनकी पुश्तैनी जमीनें हैं और वे खेती पर ही निर्भर हैं। निवेश क्षेत्र बनने से न केवल उनका रोजगार छिन जाएगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान भी प्रभावित होगी। पंचायत के दौरान “हमारी जमीन, हमारा राज” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
“हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर आदिवासियों को उनकी ही जमीन से बेदखल करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को हमारी भावनाओं का सम्मान करना होगा।”
— महापंचायत में मौजूद स्थानीय प्रतिनिधि
