
रतलाम। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर कृषि उपज मंडी में नीलामी कार्य ठप रहा। मंडी प्रशासन द्वारा सावन के आखिरी सोमवार का अवकाश घोषित न करने से नाराज व्यापारियों ने नीलाम प्रक्रिया में भाग लेने से पूरी तरह इंकार कर दिया। इसके विरोध में मंडी के बाहर सड़कों पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मंडी गेट के सामने चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।
12 साल पुरानी परंपरा तोड़ने का आरोप
व्यापारी एसोसिएशन के अनुसार, पिछले 12 वर्षों से श्रावण मास के अंतिम सोमवार को मंडी में औपचारिक अवकाश रखने की परंपरा रही है। इस बार प्रशासन ने हरियाली अमावस्या और नागपंचमी पर भी कोई छुट्टी नहीं दी थी। व्यापारियों ने सावन के अंतिम सोमवार के अवकाश को लेकर मंडी प्रशासन को 6 दिन पहले ही लिखित में सूचना दे दी थी। शनिवार को व्यापारी प्रतिनिधिमंडल और मंडी सचिव के बीच करीब एक घंटे तक चली बैठक भी बेनतीजा रही थी।
600 से अधिक ट्रॉलियां फंसी, किसान सड़कों पर बैठे
सोमवार सुबह मंडी परिसर में लगभग 600 ट्रॉलियों में प्याज भरकर पहुंचे किसान उस समय उग्र हो गए, जब व्यापारियों के बहिष्कार के कारण नीलाम शुरू नहीं हो सका। दूर-दराज के गांवों से अपनी उपज बेचने आए किसान मंडी गेट के बाहर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते मंडी क्षेत्र के आसपास लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
