
रतलाम। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चल रहे युद्ध का असर अब जमीनी स्तर पर अन्नदाताओं की रसोई तक पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति क्या ठप हुई, रतलाम अनाज मंडी में किसानों को किफायती दर पर मिलने वाला भोजन ही बंद हो गया। बुधवार को मंडी की कैंटीन में ताला लटका रहा, जिससे दूर-दराज से अपनी उपज बेचने आए सैकड़ों किसान भूखे पेट भटकने को मजबूर हुए।
मुख्य बिंदु: क्यों परेशान हुआ किसान?
सस्ता भोजन बंद: मंडी कैंटीन में मात्र 5 रुपए में 5 रोटी और सब्जी मिलती है, जो बुधवार को नहीं मिली।
हजारों प्रभावित: किसान ही नहीं, बल्कि मंडी के हम्माल और तुलावटी मिलाकर रोजाना 1000 से ज्यादा लोग यहाँ भोजन करते हैं।
महंगाई की मार: कैंटीन बंद होने से किसानों को बाहर होटलों और रेस्टोरेंट में महंगा भोजन और नाश्ता करना पड़ा।
किसानों का दर्द: “बिना सूचना बंद कर दी कैंटीन”
धार से आए किसान रमेश पाटीदार ने बताया कि सुबह से कैंटीन बंद है और बाहर कोई सूचना भी नहीं है। वहीं बिरमावल के किसान जगदीश धाकड़ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने सुविधा तो दी है, लेकिन प्रशासन की अव्यवस्था के कारण आज हमें बाहर खाना पड़ रहा है।
प्रशासन के दावों पर उठे सवाल
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ललित पालीवाल ने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि:
”अगर जिला प्रशासन कह रहा है कि गैस का संकट नहीं है, तो फिर कैंटीन गैस की कमी से बंद कैसे हुई? यह मंडी सचिव और भारसाधक अधिकारी (SDM) की सीधी लापरवाही है।”
अल्टीमेटम: रविवार तक शुरू न हुई तो होगा आंदोलन
किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक कैंटीन सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई, तो किसान उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी मंडी प्रशासन की होगी।
