रतलाम में दूध के दाम बढ़ाने पर बढ़ा बवाल: प्रशासन की बैठक में तय हुए ₹62 लीटर के दाम, पर कई वितरक विरोध में उतरे; ग्राहक पंचायत से गुहार

​रतलाम। शहर में दूध के दामों को लेकर अचानक सियासत और विरोध तेज हो गया है। एक तरफ जहां प्रशासनिक बैठक में आपसी सहमति से दूध के दाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया, वहीं दूसरी तरफ कई दूध वितरकों ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार से शहर में दूध के नए दाम लागू होने थे, लेकिन अब इस पर विवाद गहरा गया है।

​प्रशासनिक बैठक में हुआ था दाम बढ़ाने का फैसला

​दरअसल, शुक्रवार शाम को एसडीएम रतलाम शहर आर्ची हरित और उप संचालक पशु पालन विभाग नवीन शुक्ला की मौजूदगी में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में किसान दूध उत्पादक संघ के अध्यक्ष ईश्वर गुर्जर और शहर विक्रेता संघ के अध्यक्ष सुरेश गुर्जर शामिल हुए।

​पूर्व में लिए गए निर्णय और आपसी सहमति के आधार पर तय किया गया कि शनिवार (16 मई) से दूध के दामों में बदलाव किया जाएगा। इसके तहत:

  • ​पुराना दाम: ₹60 प्रति लीटर
  • ​नया दाम: ₹62 प्रति लीटर (2 रुपए की बढ़ोतरी)

​फैसले के तुरंत बाद शुरू हुआ विरोध, वितरकों में दो फाड़

​प्रशासन और संघ के पदाधिकारियों के इस फैसले के बाद जमीनी स्तर पर विरोध के सुर फूट पड़े हैं। शहर के कई दूध वितरक इस ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं। उनका साफ कहना है कि वे बढ़ी हुई कीमतों पर दूध बेचने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि इससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

​अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत से लगाई गुहार

​दाम बढ़ाने के विरोध में उतरे वितरकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पदाधिकारियों से मुलाकात की है। प्रतिनिधि मंडल ने ग्राहक पंचायत से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। वितरकों का मानना है कि आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार होना चाहिए।

​असमंजस की स्थिति: प्रशासन और संघ के अध्यक्षों ने जहां ₹62 प्रति लीटर का रेट तय कर दिया है, वहीं कई वितरकों के इनकार के बाद अब उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है कि शनिवार से उन्हें किस भाव में दूध मिलेगा। अब देखना होगा कि ग्राहक पंचायत के दखल के बाद इस मामले में क्या नया मोड़ आता है।

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