
रतलाम। शासकीय मेडिकल कॉलेज (GMC), रतलाम के जूनियर डॉक्टरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पिछले तीन महीनों से स्टाइपेंड (मानदेय) नहीं मिलने से नाराज डॉक्टर आज कॉलेज परिसर में बैनर और तख्तियां लेकर एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
”3 महीने से लंबित स्टाइपेंड – अब और नहीं!”
प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वे दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनके आर्थिक हितों की अनदेखी कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शित मुख्य बैनर पर स्पष्ट रूप से लिखा था— “हमारी मेहनत का मूल्य दो” और “हमारा हक – हमें दो!”। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।

प्रमुख मांगें और आक्रोश
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) के बैनर तले हो रहे इस प्रदर्शन में डॉक्टरों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
बकाया भुगतान: पिछले 3 महीनों से रुका हुआ स्टाइपेंड तुरंत जारी किया जाए।
आर्थिक मानसिक तनाव: स्टाइपेंड न मिलने के कारण जूनियर डॉक्टरों को अपने दैनिक खर्चों और हॉस्टल फीस भरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सेवा और संघर्ष: डॉक्टरों का कहना है कि वे “सेवा भी करेंगे और संघर्ष भी करेंगे।”
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका
फिलहाल डॉक्टर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन यदि यह गतिरोध बना रहा तो आने वाले दिनों में अस्पताल की ओपीडी (OPD) और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। जूनियर डॉक्टरों का तर्क है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद बजट या तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनका भुगतान रोका जा रहा है, जो अब बर्दाश्त से बाहर है।
”डॉक्टर्स एकता जिंदाबाद! हमारा हक हमें दो!” के नारों के साथ रतलाम मेडिकल कॉलेज की फिजा में अब न्याय की मांग गूंज रही है। अब देखना यह है कि कॉलेज प्रबंधन और शासन इस पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है।
