
रतलाम। रतलाम कृषि उपज मंडी समिति में नवीन तुलावटी भर्ती को लेकर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। भर्ती प्रक्रिया से असंतुष्ट मंडी में कार्यरत तुलावटी संघ ने आज मंडी सचिव को एक ज्ञापन सौंपकर नवीन भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। संघ का स्पष्ट कहना है कि यदि नई भर्ती की जाती है, तो वर्तमान में काम कर रहे तुलावटियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
’पर्याप्त है संख्या, नई भर्ती की जरूरत नहीं’
तुलावटी संघ के अनुसार वर्तमान में मंडी परिसर में पर्याप्त संख्या में तुलावटी कार्यरत हैं और मंडी का कामकाज पूरी तरह सुचारू रूप से चल रहा है। संघ ने मंडी प्रशासन को वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि मंडी में लगातार आने वाले अवकाश और छुट्टियों के कारण वर्तमान तुलावटी भाइयों को ही पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है। कई बार चक्र (रोटेशन) पद्धति के तहत जिन फर्मों पर तुलावटी का नंबर आता है, वहां काम उपलब्ध न होने से उनका नंबर तक खाली चला जाता है।
रोजगार और आर्थिक संकट गहराने की आशंका
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मंडी समिति को चेतावनी दी है कि ऐसी परिस्थितियों में नई भर्ती करना वर्तमान तुलावटियों के हितों पर सीधा कुठाराघात होगा। इससे काम का विभाजन होगा और पहले से रोजगार संकट झेल रहे तुलावटियों की आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी। संघ ने मांग रखी है कि भर्ती से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले मंडी में उपलब्ध कुल कार्य और वर्तमान तुलावटियों की संख्या का समुचित आकलन किया जाना चाहिए।
वरिष्ठ नेताओं और संघ प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
ज्ञापन सौंपते समय मंडी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और तुलावटी संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान तुलावटी संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा, पूर्व मंडी डायरेक्टर एवं वर्तमान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भाटी, वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र जैन, वार्ड क्रमांक 27 भाजपा संयोजक (मंडी क्षेत्र) परवेज मेव तथा पूर्व हम्माल-तुलावटी संघ अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव सहित कई तुलावटी भाई मौजूद रहे।
संघ ने मंडी प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि तुलावटियों के रोजगार और आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए नवीन भर्ती प्रक्रिया को अविलंब स्थगित किया जाए और वर्तमान में जारी व्यवस्था को ही यथावत लागू रखा जाए।
