
भोपाल/रतलाम। क्या आपने कभी सोचा है कि जब आपके घर में एक स्विच दबाते ही रोशनी हो जाती है, तो उसके पीछे कितनी बड़ी टीम दिन-रात काम कर रही होती है? मध्य प्रदेश के बिजली विभाग (पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी) में आपके घर तक बिना रुके बिजली पहुँचाने और किसी भी गड़बड़ी (Fault) को ठीक करने के लिए जमीनी स्तर के कर्मचारियों से लेकर शीर्ष अधिकारियों तक की एक पूरी श्रृंखला (Hierarchy) काम करती है।
आइए जानते हैं कि मध्य प्रदेश के बिजली विभाग का यह पदानुक्रम (Hierarchy) कैसा है और इसमें सबसे छोटा व सबसे बड़ा पद कौन सा होता है।
1. जमीनी स्तर के कर्मचारी (The Ground Team)
ये वो लोग हैं जिनके बिना आपके घरों का फॉल्ट ठीक होना और बिजली सप्लाई सुचारू रहना मुमकिन नहीं है:
Helper (हेल्पर): यह जमीनी स्तर का पहला पायदान है। इनका काम लाइनमैन के साथ रहना, सामान उठाना-ले जाना और सीढ़ी पकड़ना जैसे आवश्यक काम करना है।
Lineman (लाइनमैन): बिजली के खंभों (Poles) पर चढ़कर तार जोड़ना, फॉल्ट ढूंढकर उसे ठीक करना और घरों-दुकानों तक सीधे बिजली पहुँचाने की मुख्य जिम्मेदारी इन्हीं की होती है।
TG2 / लाइन परिचारक (टेक्नीशियन): यह टीम फीडर पर तैनात रहती है या सबस्टेशन (पावर हाउस) पर काम करती है। इनका मुख्य कार्य स्विचिंग ऑपरेशन संभालना और बिजली आपूर्ति को नियंत्रित करना है।
2. अधिकारियों का पदानुक्रम (The Officer Hierarchy)
जमीनी टीम के ऊपर प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के लिए अधिकारियों की एक लंबी चेन होती है:
JE (जूनियर इंजीनियर / कनिष्ठ अभियंता): यह बिजली उपकेंद्र (Substation) के प्रभारी होते हैं। इनके अधीन ही हेल्पर, लाइनमैन और तकनीकी स्टाफ काम करते हैं।
SDO / AE (सहायक अभियंता): ये उपखंड (Subdivision) के प्रभारी होते हैं। एक SDO/AE के अधीन आमतौर पर 1 से 5 उपकेंद्र (Substation) आते हैं।
XEN / EE (कार्यपालन अभियंता): यह पूरे बिजली डिवीज़न (संभाग) के प्रभारी होते हैं। इनके अधीन 2 से 5 SDO/AE काम करते हैं।
SE (अधीक्षण अभियंता): इनके कंधों पर पूरे सर्कल (मण्डल) की जिम्मेदारी होती है। इनके अधीन 2 से 5 कार्यपालन अभियंता (XEN) काम करते हैं।
CE (मुख्य अभियंता): यह रीज़न (क्षेत्र) स्तर के सबसे बड़े अधिकारी होते हैं। इनके अधीन 2 से 5 SE काम करते हैं।
3. प्रबंधन और शीर्ष नेतृत्व (Top Management)
मुख्य अभियंता (CE) के ऊपर विभाग की नीतियां और राज्य स्तर का प्रबंधन संभालने वाली कोर टीम होती है:
विद्युत वितरण कंपनी (Discom) के MD और निदेशक मंडल: मध्य प्रदेश की तीनों कंपनियों (पश्चिम क्षेत्र – इंदौर, मध्य क्षेत्र – भोपाल, पूर्व क्षेत्र – जबलपुर) के प्रबंध निदेशक (MD) और उनकी टीम।
अध्यक्ष (Chairman): मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनियों के सर्वोच्च प्रशासनिक मुखिया।
तो मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा अधिकारी कौन है?
मध्य प्रदेश में बिजली विभाग की पूरी व्यवस्था में सबसे शीर्ष पर प्रमुख सचिव (ऊर्जा), मध्य प्रदेश शासन होते हैं। यह मंत्रालय (वल्लभ भवन) से पूरे राज्य की बिजली व्यवस्था की निगरानी, नीति निर्माण और समीक्षा का कार्य देखते हैं।
पोर्टल की अपील: > बिजली की एक-एक यूनिट आप तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए इस कड़कती धूप, ठंड और बरसात में जमीनी कर्मचारी से लेकर शीर्ष अधिकारी तक पूरी टीम मिलकर काम करती है। ‘जानकारी ही जागरूकता है’, इसलिए अपने अधिकारों को जानें और बिजली विभाग के उन सभी कर्मचारियों का सम्मान करें जिनकी मेहनत से मध्य प्रदेश का हर घर रोशन रहता है।
