
नई दिल्ली: भारतीय रेल ने यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। देश के सबसे व्यस्त रूट ‘दिल्ली-मुंबई’ पर अब ट्रेनों की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए की जाएगी। इस आधुनिक तकनीक की शुरुआत फरीदाबाद सेक्शन से हो रही है, जहाँ ‘MVIS’ (Machine Vision Inspection System) को तैनात किया जा रहा है।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
रेलवे द्वारा लागू किए जा रहे इस हाईटेक सिस्टम की कार्यप्रणाली बेहद सटीक है:
निगरानी: ट्रैक के किनारे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे जो सेंसर नेटवर्क के जरिए गुजरती हुई ट्रेनों की तस्वीरें रिकॉर्ड करेंगे।
स्कैनिंग: AI सॉफ्टवेयर तुरंत डेटा को स्कैन करेगा और ट्रेन के पुर्जों, एक्सल, पहियों और ब्रेक सिस्टम की बारीकी से जांच करेगा।
अलर्ट: यदि किसी भी पुर्जे में ढीलापन या कोई खराबी पाई जाती है, तो यह सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा।
मैनुअल जांच से बेहतर और सुरक्षित
अभी तक ट्रेनों की जांच मुख्य रूप से मैनुअल तरीके से की जाती है, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। नई तकनीक से रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे खराबी की पहचान तेजी से हो सकेगी। इससे न केवल संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा, बल्कि ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुरक्षित और समय पर सुनिश्चित हो पाएगा।
रेलवे का विजन
दिल्ली-मुंबई रेल कॉरिडोर पर रोजाना सैकड़ों मेल, एक्सप्रेस और मालगाड़ियाँ गुजरती हैं, जहाँ ट्रेनों की रफ्तार सामान्यतः 120-130 किमी/घंटा और गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की 140-150 किमी/घंटा तक रहती है। फरीदाबाद सेक्शन में इस प्रयोग की सफलता के बाद, रेलवे की योजना भविष्य में अन्य प्रमुख रेल रूटों पर भी इसी तरह का MVIS सिस्टम स्थापित करने की है, ताकि रेल यात्रा को और सुरक्षित बनाया जा सके।
