
भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है। हर दिन करोड़ों यात्री ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन जब बात रिजर्वेशन की आती है, तो ज्यादातर लोग केवल ‘जनरल’ या ‘तत्काल’ कोटा के बारे में ही जानते हैं। भारी भीड़ और वेटिंग लिस्ट के बीच अक्सर हमें लगता है कि टिकट मिलना नामुमकिन है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रेलवे में 15 से भी ज्यादा ऐसे कोटा (Quota) होते हैं जिनकी जानकारी आपको आसानी से कन्फर्म सीट दिला सकती है?
आज हम आपको बताने जा रहे हैं रेलवे के उन खास रिजर्वेशन कोटा के बारे में, जो अलग-अलग वर्गों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
1. आम यात्रियों के लिए प्रमुख कोटा
GN (जनरल कोटा): यह सबसे सामान्य कोटा है, जिसमें सभी यात्री टिकट बुक कर सकते हैं।
TQ (तत्काल कोटा): इमरजेंसी या अचानक यात्रा के लिए यात्रा से एक दिन पहले इसकी बुकिंग होती है।
PT (प्रीमियम तत्काल): यह तत्काल की तरह ही है, लेकिन इसमें मांग के अनुसार किराया बढ़ता रहता है।
2. महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधा
LD (महिला कोटा): अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं या 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें।
SS (वरिष्ठ नागरिक कोटा): बुजुर्ग यात्रियों (पुरुष 60+ और महिला 45+ वर्ष) के लिए निचली बर्थ (Lower Berth) आरक्षित होती है।
LB (लोअर बर्थ कोटा): वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सुरक्षित सीटें।
3. ड्यूटी और प्रोफेशनल कोटा
DF (रक्षा कोटा): भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों व अधिकारियों के लिए।
DP (ड्यूटी पास कोटा): ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों के लिए आरक्षित सीटें।
RE (रेलवे कर्मचारी कोटा): रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार की यात्रा के लिए।
PH (संसद भवन कोटा): सांसदों और उनके साथ यात्रा करने वाले सहयोगियों के लिए।
4. इमरजेंसी और अन्य विशेष कोटा
HO (हेड ऑफिस/इमरजेंसी कोटा): विशिष्ट सरकारी अधिकारियों और रेलवे के उच्च अधिकारियों की अनुमति पर वीआईपी (VIP) मूवमेंट के लिए।
HP (दिव्यांग कोटा): शारीरिक रूप से अक्षम यात्रियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई सीटें।
FT (विदेशी पर्यटक कोटा): विदेशी सैलानियों और एनआरआई (NRI) के लिए आरक्षित कोटा।
YU (युवा कोटा): युवाओं के लिए शुरू की गई विशेष योजनाओं के तहत आरक्षित सीटें।
5. स्टेशन और रूट आधारित कोटा
PQ (पूल्ड कोटा): रूट के बीच में आने वाले स्टेशनों के यात्रियों के लिए।
RS (रोड साइड कोटा): छोटे या मध्यवर्ती स्टेशनों के लिए निर्धारित कोटा।
OS (आउट स्टेशन कोटा): दूसरे नजदीकी स्टेशन से सीट आवंटन की सुविधा।
RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन): इसमें यात्री को आधी सीट आवंटित की जाती है, जिससे उसे यात्रा की अनुमति मिल जाती है।
खास बात:
रेलवे प्रशासन के अनुसार, हर कोटा का एक अलग ‘ऑपरेशनल उद्देश्य’ होता है। यात्रियों की श्रेणियों को ध्यान में रखते हुए सीट आवंटन की प्रक्रिया इसी के अनुसार तय की जाती है। अगली बार टिकट बुक करते समय अपनी पात्रता के अनुसार सही कोटा चुनें, ताकि आपकी यात्रा सुखद और कन्फर्म हो सके।
