
नई दिल्ली:
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र देश के प्रधानमंत्री को भेज दिया है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पत्र साझा करते हुए इसकी जानकारी दी है। अपने विस्तृत पत्र में उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में अपने लंबे सफर, NEET-UG परीक्षा की प्रक्रिया और पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम का हवाला दिया है।
मुख्य बिंदु:
प्रधानमंत्री को भेजा इस्तीफा: धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र में स्पष्ट किया है कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रहित से जुड़ा गंभीर मामला है।
NEET-UG परीक्षा का जिक्र: पत्र में बताया गया है कि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीबीआई जांच बिठाई थी और परीक्षा रद्द कर 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा संपन्न कराई थी, जिसके परिणाम 16 जुलाई को घोषित किए गए थे।
छात्रों को भ्रमित करने पर क्षोभ: परिणामों के बाद भी कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने के प्रयासों पर उन्होंने गहरी पीड़ा व्यक्त की है।
जंतर-मंतर और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला: उन्होंने उल्लेख किया है कि जंतर-मंतर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठाएं। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे कानूनी पेचीदगियों में न उलझकर अपनी पढ़ाई और करियर पर पूरा ध्यान दें।
कृतज्ञता और संकल्प: उन्होंने आदरणीय प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मंत्रिपरिषद के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है तथा भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की सेवा में समर्पित रहने की बात कही है।
