
रतलाम। नगर परिषद धामनोद के उपाध्यक्ष और निर्वाचित पार्षद लोकेन्द्रसिंह सिसोदिया को पद के दुरुपयोग और टेंडर प्रक्रिया में संलिप्तता के आरोप साबित होने पर पार्षद पद से हटा दिया गया है। यह सख्त कार्रवाई कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया द्वारा मध्यप्रदेश नगरपालिक अधिनियम 1961 की धारा 41 (1) के तहत की गई है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उच्च न्यायालय के निर्देश और जनसुनवाई में हुई थी शिकायत
मामला जनसुनवाई के दौरान सामने आया था, जहां लोकेन्द्रसिंह सिसोदिया द्वारा अपने पद का अनुचित लाभ उठाने और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई गई थी। माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेशों के अनुपालन में कलेक्टर द्वारा इस प्रकरण की विस्तृत सुनवाई की गई।
पारिवारिक फर्म के नाम पर बिल भुगतान का मामला
जांच और सुनवाई के दौरान यह तथ्य पूरी तरह प्रमाणित पाए गए कि लोकेन्द्रसिंह सिसोदिया (पिता चतरसिंह) ने अपने परिवार के नाम से संचालित ‘सिसोदिया टेंट हाउस एवं लाईट डेकोरेशन’ (बस स्टेशन धामनोद) की फर्म के जरिए नगर परिषद के टेंडरों में संलिप्तता रखी और बिलों की राशि का भुगतान प्राप्त किया।
कलेक्टर ने जारी किए निष्कासन के आदेश
पद पर रहते हुए स्वयं की पारिवारिक फर्म को लाभ पहुंचाने और टेंडर प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के आरोपों में दोषी पाए जाने के बाद, कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने 28 सितंबर 2026 को लोकेन्द्रसिंह सिसोदिया को नगर परिषद धामनोद के निर्वाचित पार्षद पद से पृथक करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया। इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।









